झाबुआ के साहित्यिक दिग्गज यशवंत भंडारी को 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि, काशी हिंदी विद्यापीठ ने किया सम्मानित
Jhabua's literary giant Yashwant Bhandari was conferred with the honorary title of 'Vidya Vachaspati' by Kashi Hindi Vidyapeeth.
झाबुआ। वाराणसी स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान काशी हिंदी विद्यापीठ ने झाबुआ के वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाजसेवी श्री यशवंत भंडारी को उनके साहित्यिक योगदान के लिए 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि प्रदान की है। यह सम्मान पाने वाले वे इस क्षेत्र के प्रथम साहित्यकार हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि संगम के जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार सोनी ने बताया कि यह उपाधि श्री भंडारी को हिंदू नव वर्ष के शुभ अवसर पर दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान की गई। इस कार्यक्रम में महामंडलेश्वर डॉ. कृष्णानंद, विश्व रिकॉर्ड धारक साहित्यकार डॉ. ममता नोगरिया, तारण पंथ के अंतर्राष्ट्रीय वक्ता श्री आत्मानंद जी महाराज सहित कई गणमान्य हस्तियों ने शिरकत की।

काशी हिंदी विद्यापीठ के कुलाधिपति डॉ. संभाजी राजाराम ने औपचारिक रूप से श्री भंडारी के नाम के आगे 'डॉक्टर' लगाने की घोषणा की, जो उनके साहित्यिक अवदान को और भी अधिक गौरवान्वित करता है। इस उपलब्धि पर इतिहासकार एवं आजाद जिला साहित्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. के. के. त्रिवेदी ने कहा, "डॉ. यशवंत भंडारी का यह सम्मान पूरे आदिवासी अंचल के साहित्यकारों के लिए गर्व की बात है।"
वहीं, रोटरी क्लब के वरिष्ठ सदस्य श्री उमंग सक्सेना ने कहा कि श्री भंडारी का बहुआयामी व्यक्तित्व साहित्य जगत के लिए प्रेरणादायी है। उन्हें यह सम्मान मिलने से पूरा साहित्यिक समुदाय प्रफुल्लित है।
इस अवसर पर झाबुआ की विभिन्न साहित्यिक, सामाजिक, धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं ने डॉ. भंडारी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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