7 मई को जैन तीर्थ देवझिरी में होगा प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का अंजनशलाका कार्यक्रम
पूज्य आचार्य सुयशचन्द्रसूरिजी के मार्गदर्शन में देवझिरी जैन तीर्थ के ट्रस्ट की बैठक में सर्वानुमति से यह निर्णय लिया गया है कि आगामी 7 मई गुरूवार लब्धि पूर्णिमा के पावन अवसर पर देवझिरी जेैन तीर्थ पर प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान की अंजन शलाका अर्थात प्राण प्रतिष्ठाका भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जावेगा।
झाबुआ । आगामी 7 मई गुरूवार को वैशाखसुदी पूर्णिमा के अवसर पर देवझिरी जैन तीर्थ में आयोजित होने वाले अंजनशलाका कार्यक्रम को लेकर देवझिरी में पूज्य आचार्य श्री सुयशचन्द्रसूरिजी मसा का मंगलवार को एक दिवसीय आगमन हुआ। इस अवसर पर उपस्थित समाजजनों को संबोधित करते हुए पूज्य आचार्य श्री सुयशचन्द्रसूरिश्वरजी मसा ने कहा कि मनुष्य जीवन एक अमूल्य रत्न है, इसको सुखद बनाने के लिये सभी प्रकार की व्यवस्थायें अनुकुल होना आवश्यक है । भौतिक जीवन को आध्यात्मिक जीवन के साथ सामंजस्य बना कर ही जीवन को सुखद बनाया जासकता हैै । क्योकि मनुष्य की भूख दो प्रकार की होती है पहली शारीरिक भूख एवं दुसरी मानसिक भूख । शारीरिक भूख की पूर्ति भौतिक पदार्थो से होती है जबकि मानसिक भूख के लिये किसी अधिशक्ति याने आध्यात्मिकता से जुड कर ही किया जा सकता है।

पूज्य आचार्य सुयशचन्द्रसूरिजी के मार्गदर्शन में देवझिरी जैन तीर्थ के ट्रस्ट की बैठक में सर्वानुमति से यह निर्णय लिया गया है कि आगामी 7 मई गुरूवार लब्धि पूर्णिमा के पावन अवसर पर देवझिरी जेैन तीर्थ पर प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान की अंजन शलाका अर्थात प्राण प्रतिष्ठाका भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जावेगा। इसके लिये व्यापक तेैयारिया प्रारंभ की जा रही है। इस अवसर ट्रस्टीगण निर्मल मेहता, नयनेशभाई शाह दाहोद, सचिन कटारिया इन्दौर, बाबुलाल कोठारी झाबुआ, ललीत सखलेचा रानापुर, नीतिन कोठारी झाबुआ , मनोहर भंडारी, प्रकार कटारिया, रिंकू रूनवाल, अनील जैन, राकेश मेहता आदि समाजजनो द्वारा प्राण प्रतिष्ठा के महुर्त आदि पर चर्चा कर कार्यक्रमों को अन्तिम रूप दिया गया ।
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